सुसंस्कृत,सुशिक्षित,सुरक्षित,सम्पन्न,सेवापरायण,स्वस्थ और सर्वहितप्रद व्यक्ति तथा समाज की संरचना
चैत्र शुक्ल नवमी, विक्रम संवत् २०८३
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