Raajpeeth and Vyaspeeth
ब्रह्मशक्ति और क्षात्रशक्ति · गुरु-शिष्य परंपरा
॥ ॐ ॥
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वशिष्ठ जी
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राम जी
धौम्य जी
↓
युधिष्ठिर जी
भृगु जी
↓
पृथु जी
चाणक्य
↓
चन्द्रगुप्त
समर्थ रामदास जी
↓
शिवाजी महाराज
कभी हमनें वशिष्ठजी बनकर रामजी को शासन दिया, कभी हमनें धौम्यजी के रूप में युधिष्ठिरजी को शासन दिया, कभी हमनें भृगुजी बनकर पृथुजी को राजा बनाया, कभी हमनें चाणक्य बनकर चन्द्रगुप्त को उद्भाषित किया, कभी हमनें समर्थ रामदासजी के रूप में शिवाजी को उद्भाषित किया।
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~ श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य
स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज
श्री ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय गोवर्धनमठ पुरीपीठ
वर्तमान १४५वें शंकराचार्य
श्री ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय गोवर्धनमठ पुरीपीठ
वर्तमान १४५वें शंकराचार्य
महर्षि वसिष्ठ और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम
महर्षि धौम्य और धर्मराज युधिष्ठिर
महर्षि भृगु और चक्रवर्ती सम्राट पृथु
चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य और नवरत्न मंडल

